मोहन यादव विवाद पर भाजपा का पलटवार, हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को बताया भ्रामक..

CM मोहन यादव के बचाव में उतरी भाजपा, हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को बताया भ्रामक

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़ी कथित भूमि एवं कारोबारी हितों को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों तथा राष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जवाबी हमला बोला है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए मुख्यमंत्री का बचाव किया है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े भूमि स्वामित्व एवं कुछ कंपनियों को लेकर सवाल उठाए थे।

कांग्रेस नेताओं ने अपने आरोपों के समर्थन में राष्ट्रीय दैनिक The Indian Express में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया था।

देर रात जारी एक वीडियो बयान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता प्रदेश में भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2023 में दाखिल नामांकन पत्र में जो भूमि संबंधी जानकारी दी गई थी, उसमें वर्तमान तक कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुआ है।

खंडेलवाल के अनुसार मुख्यमंत्री के नाम दर्ज लगभग 17 एकड़ भूमि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज भूमि में भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस द्वारा उठाए गए कंपनी संबंधी सवालों का भी खंडन किया। उनका दावा है कि जिन कंपनियों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें मुख्यमंत्री की भूमिका को लेकर गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी से डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे।

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज भूमि में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं परिवार की एक सदस्य द्वारा खरीदी गई कृषि भूमि को उन्होंने मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की भूमि बताया।

रिश्तेदारों की जमीनों को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके रिश्तेदारों का स्वतंत्र अस्तित्व है तथा विपक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों में कई त्रुटियां हैं।

अपने बयान में खंडेलवाल ने कांग्रेस पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी प्रदेश में पिछड़े वर्ग से कोई मुख्यमंत्री बना है, तब-तब उसे निशाना बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विकास कार्यों के आधार पर मुख्यमंत्री को घेरने में सफल नहीं हो रही है, इसलिए इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज किया और कहा कि प्रदेश की जनता ऐसे राजनीतिक आरोपों को समझती है।

वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा अध्यक्ष के इस बयान पर फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है और आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

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