



ग्वालियर। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक राव देशराज यादव के पुत्र राव यादवेंद्र सिंह को भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने पहले से तय कर लिया था कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना लोकसभा सीट पर पूरी ताकत से घेरा जाएगा। कांग्रेस ने पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चुनाव लड़ने के लिए राजी करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ही कांग्रेस के दिग्गज गुना सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। दिग्विजय सिंह अपनी परंपरागत सीट पर चुनाव लड़ने के लिए राजगढ़ चले गए। इसके बाद स्थानीय यादव समाज से उम्मीदवार के नाम की तलाश की गई, क्योंकि कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि भाजपा ने सिंधिया के दबाव में वर्तमान सांसद का टिकट काटा है और सिंधिया को टिकट देकर क्षेत्र के यादवों को नाराज कर दिया है। इसी नाराजगी को भुनाने के लिए भाजपा की मूल विचारधारा से जुड़े रहे मुंगावली से पूर्व विधायक राव देशराज यादव के पुत्र राव यादवेंद्र सिंह को सिंधिया के खिलाफ उतारा है। शायद सिंधिया को भी इसका आभास है इसलिए ही क्षेत्र के यादवों को लुभाने के लिए सिंधिया ने भी टिकट मिलते ही सबसे पहले यादव समाज पर फोकस किया और यहां से बैजनाथ यादव को भाजपा में शामिल कराया।
राव यादवेंद्र सिंह ने भाजपा के चुनावी माइक्रो मैनेजेमेंट को नजदीक से देखा और समझा है। वे अशोक नगर जिले से आते हैं और मुंगवली विधानसभा क्षेत्र में इस परिवार का वर्चस्व माना जाता है। हालांकि वे पिछला विधानसभा चुनाव मुंगावली से हारे थे। वह फिलहाल जिला पंचायत सदस्य हैं। उनके स्वर्गीय पिता देशराज सिंह यादव बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। राव यादवेंद्र सिंह के परिवार के 6 सदस्य अभी राजनीति में सक्रिय हैं, यादवेंद्र खुद जिला पंचायत सदस्य हैं, उनकी पत्नी जनपद सदस्य, भाई जिला पंचायत सदस्य और मां भी जनपद सदस्य हैं। पिता दो बार गुना लोकसभा सीट से सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। विधानसभा चुनाव से पहले राव यादवेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल हुए।