भोपाल | मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के निर्देश पर निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को अलग-अलग दुकानों पर स्कूल शिक्षा और भोपाल जिला प्रशासन के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इसमें स्कूल संचालकों की मनमानी पकड़ी गई। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से निरीक्षण के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी बुधवार शाम को अलग-अलग बुक स्टालों पर पहुंचे। जहां उन्होंने पालकों और दुकानदारों से बातचीत की। एमपी नगर जोन-2 स्थित बुक्स एंड बुक्स स्टेशनरी बुक स्टाल पर अशासकीय आनंद विहार स्कूल तुलसी नगर, केंद्रीय विद्यालय एवं सेंट मेरी स्कूल की पुस्तकें पालकों को प्रिंट रेट पर दी जा रही थीं। यहां 25वीं बटालियन की रेखा पवार कि आनंद विहार स्कूल के बाहर दुकानदार की पर्ची दी गई थी कि पुस्तकें इस दुकान से खरीदें। सेंट मेरी स्कूल के छात्र के अभिभावकों ने भी बताया कि पुस्तकें बुक्स एंड बुक्स स्टेशनरी से खरीदने को कहा गया, जिसका पंचनामा बनाया गया।
वहीं, यहां पर किताबों के अलावा स्कूलों के नाम के ड्रेस मटेरियल भी मौके पर मिले। इसमें पेंट, शर्ट, बैग आदि सामग्री थी। यह सामग्री केंद्रीय विद्यालय, आनंद विहार तुलसी नगर, इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, मिसरोद एवं जीवीएन नोबल स्कूल, गोविंदपुरा के नाम प्रिंट थे। इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, मिसरोद की टीशर्ट 26 इंच 418 रुपये, जी.वी.एन. ग्लोबल स्कूल गोविन्दपुरा का ट्रेक सूट 34 इंच 1230 रुपये, आनंद विहार तुलसी नगर का जैकेट 36 इंच 720 रुपये और केंद्रीय विद्यालय शर्ट 34 इंच 387 रुपये का प्रिंट था।






