इंदौर। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से ही जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदान के प्रक्रिया की गति तेज कर दी गई है। इंदौर जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में 2677 मतदान केंद्रों पर सुविधाएं जुटाने की प्रक्रिया की जा रही है। जिले में चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने की जिम्मेदारी करीब 18 हजार कर्मचारी संभालेंगे। जिला प्रशासन से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही विभिन्न दलों का गठन किया जा रहा है। सभी दलों को बारी-बारी से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में मतदान दलों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम 15 अप्रैल से शुरू होगा। एक दल में पीठासीन अधिकारी सहित चार सदस्यों को नियुक्त किया जाएगा। मतदान दलों के लिए 12 हजार कर्मचारी और अधिकारियों की जरुरत होगी। यह दल नेहरू स्टेडियम से सामग्री लेन के साथ ही मतदान केंद्र पहुंचकर मतदान की प्रक्रिया कराने के बाद वापस सामग्री जमा कराएगा।
इस दल में शामिल पीठासीन अधिकारी और पी-1 अधिकारी को चार दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ईवीएम, वीवीपेट सहित पूरी मतदान की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद पूरे दल का प्रशिक्षण 3 मई से प्रारंभ होगा। इसमें दल के सभी चार सदस्यों को
लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्येक दल और सेक्टर आफिसर के वाहनों, वीवीपेट और ईवीएम लाने एवं ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस से ट्रैकिंग की जाएगी । सभी वाहनों में जीपीएस लगाए जा रहे हैं। इसका नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर विजय मंडलाई को नियुक्त किया गया है।






